Small Soldiers In Hindi Official
यहाँ "छोटे सैनिक" (Small Soldiers) विषय पर एक मौलिक प्रेरणादायक कहानी है:
राजा ने सभी 50 छोटे सैनिकों को पदक दिए और कहा, "सच में, छोटे कद के लोग बड़े दिल वाले होते हैं। तुमने हमें सिखाया कि अगर साथ हो, तो कोई दुश्मन बड़ा नहीं होता।"
बहुत पुरानी बात है, घने जंगल के किनारे एक छोटा-सा गाँव था - रामपुर। गाँव के लोग शांति से रहते थे, लेकिन पास के पहाड़ पर रहने वाला एक लालची राक्षस 'दुर्गासुर' उन्हें हमेशा परेशान करता था। वह हर महीने गाँव का अनाज और पशु छीन ले जाता।
गाँव के युवा बहादुर थे, लेकिन दुर्गासुर इतना विशाल था कि उसकी एक ठोकर से पूरी सेना लोट जाती। राजा ने हार मान ली थी। small soldiers in hindi
अगले दिन से अर्जुन ने गाँव के हर युवा को बुलाया - चाहे वह कुम्हार का बेटा हो, मोची का लड़का या चरवाहा। कुल मिलाकर 50 छोटे कद के लड़के जमा हुए। अर्जुन ने उन्हें 'बौनों की सेना' नाम दिया।
अर्जुन ने इशारा किया। सबसे तेज़ लड़के 'भागो' ने राक्षस के पैर में बिच्छू डंक मार दिया। दुर्गासुर "हुआं!" करके उठा तो उसका पैर लकड़बग्घे के जाल में फँस गया। जैसे ही वह झुका, ऊपर से 10 लड़कों ने मिलकर एक विशाल पेड़ की डाल तोड़कर उसके सिर पर गिरा दी। दुर्गासुर लड़खड़ाया - तभी दूसरे समूह ने उसके हाथों को रस्सियों से बाँध दिया।
अर्जुन ने निराश न होते हुए कहा, "क्या हम छोटे नहीं हैं? लेकिन चींटियाँ मिलकर शेर को मार देती हैं। हम बौने सैनिक बनेंगे!" "छोटे होना बुरा नहीं है
एक दिन, गाँव के सरपंच के बेटे 'अर्जुन' ने सभा में कहा, "हमें इस राक्षस का अंत करना होगा।"
लेकिन अर्जुन ने कहा, "छोटे होना बुरा नहीं है, दुर्गासुर। बुरा है अकेले बड़ा होना और दूसरों को सताना। हमारी ताकत एकता में है!"
तब से रामपुर में 'बौनों की सेना' की कहानी मशालों की रोशनी में हर साल मनाई जाती है। small soldiers in hindi
गुस्से में राक्षस चिल्लाया, "तुम छोटे कीड़े हो! तुम क्या कर लोगे?"
शरीर छोटा हो सकता है, पर साहस, बुद्धि और एकता कोई भी दुश्मन छोटा नहीं लगने देती।